फ़ेल न करने की नीति की समाप्ति बयानबाज़ी बनाम वास्तवि कता
दुबे, दिव्या and कुशवाहा, मधु (2019) फ़ेल न करने की नीति की समाप्ति बयानबाज़ी बनाम वास्तवि कता. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 1 (2). pp. 7-13.
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Abstract
विभि न्न स्वतन्त्र एजेंसि यों के सर्वेक्षणों में स्कूली शिक्षा में अधि गम स्तर की गि रावट का चि न्ता जनक चेहरा उभारा गया है। इससे राज्यों को इस बात का अवसर मि ला है कि वे शिक्षा अधि कार अधि नियम में मौजूद फ़ेल न करने की नीति को ज़िम्मे दार मानते हुए इसमें संशोधन की सि फारिश कर सकें । इस मसले पर आम समाज की एकजुटता और उनकी राय को भी इसमें शामि ल कि या जा सकता है, जो पहले ही ‘सबके लि ए शिक्षा’ के प्रति उदार नहीं है। दि व्या और मधु का यह आलेख इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करता है कि अधि गम स्तर में गि रावट के दूसरे महत्त्वपूर्ण कारणों पर गौर कि ए बि ना सिर्फ फ़ेल न करने की नीति को कोसना अतार्कि क और एकतरफा कार्यवाही होगी। सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | दुबे, दिव्या and कुशवाहा, मधु |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Education, Educational policy, Educational rights, Primary education, Education system |
| Subjects: | Social sciences > Education > Public policy issues in education |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/2216 |
| Publisher URL: |
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