स्वतंत्र लेखन के लिए बातचीत ज़रूरी
अंसारी, साहबउद्दीन (2023) स्वतंत्र लेखन के लिए बातचीत ज़रूरी. Pathshala Bheetar Aur Bahar, 6 (18). pp. 62-66. ISSN 2582-483X
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Abstract
लिखना अभिव्यक्त करने का एक तरीक़ा है। किसी भी प्रकार की अभिव्यक्ति के लिए, चाहे वह मौखिक हो या लिखित, विचारों का होना पहली शर्त है। लिखित अभिव्यक्ति के लिए लिपि का ज्ञान होना भी ज़रूरी है। लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है, वैचारिक चिन्तन को सीखना। इसके लिए लोगों से, किताबों से अन्तःक्रिया भी ज़रूरी है, और यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। इस लेख में लेखक, बच्चों में वैचारिक चिन्तन करने की प्रक्रिया की स्कैफ़ोल्डिंग करते हुए उन्हें स्वतंत्र लेखन की तरफ़ कैसे ले जाते हैं, इसका विवरण प्रस्तुत करते हैं। -सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | अंसारी, साहबउद्दीन |
| Document Language: | Language Hindi |
| Subjects: | Social sciences > Education |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5581 |
| Publisher URL: |
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