ज़िन्दगी और जीवटता की बुनावट : किमिया
शुक्ला, दीपाली (2023) ज़िन्दगी और जीवटता की बुनावट : किमिया. Pathshala Bheetar Aur Bahar, 5 (16). pp. 90-91. ISSN 2582-483X
|
Text
Download (2MB) |
Abstract
जब पहली बार यह किताब हाथ में आई तो इसका शीर्षक यह इशारा कर रहा था कि कहानी एक लड़की के बारे में है, और आवरण पर बना चित्र भी इस बात को पखु़्ता कर रहा था। पहली बार इसको जब पढ़ा तो लगा कि कहानी बेहद परतदार है और इसके चित्र तमाम रंगों को समेटते हुए भी बेहद सादगीभरे हैं। कहानी में जो घट रहा है, क्या वो केवल किमिया का ख़याल है या इसके इतर मौत की हक़ीक़त है?
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | शुक्ला, दीपाली |
| Document Language: | Language Hindi |
| Subjects: | Social sciences |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5103 |
| Publisher URL: |
Actions (login required)
![]() |
View Item |
PlumX Metrics


PlumX Metrics
PlumX Metrics