सामाजिक अध्ययन के शिक्षकों को याद करते हुए
सरदाना, अरविन्द (2023) सामाजिक अध्ययन के शिक्षकों को याद करते हुए. Pathshala Bheetar Aur Bahar, 5 (16). pp. 59-63. ISSN 2582-483X
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Abstract
1985–95 के दशक में मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में बेहतर सामाजिक अध्ययन शिक्षण की दिशा में एकलव्य द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। इस लेख में दिए गए अनुभव उसी दौरान के हैं, लेकिन आज भी ये उतने ही माक़ूल हैं। लेखक अपने अनुभव से कहते हैं कि कई बार विस्तृत विवरण और सटीक तर्क देने के बाद भी लोग उन्हें आत्मसात नहीं करते क्योंकि वे उनकी मान्यताओं या निजी अनुभवों से टकराते हैं। यहाँ संवाद का खुलापन बनाए रखना ज़रूरी है। उसी प्रकार, चाहे वह संवेदनशील मुद्देहों या कक्षा की शैली या स्कूल टीम का प्रयास, शिक्षकों के सार्थक अनुभव हमारेलिए दिक्सूचक बन सकतेहैं और उनकी स्वतंत्रता को बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। –सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | सरदाना, अरविन्द |
| Document Language: | Language Hindi |
| Subjects: | Social sciences |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5097 |
| Publisher URL: |
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