स्कूल और समुदाय में गालियों का इस्तेमाल और हिंसा की शुरुआत
देशमुख, सीमा (2023) स्कूल और समुदाय में गालियों का इस्तेमाल और हिंसा की शुरुआत. Pathshala Bheetar Aur Bahar, 5 (16). pp. 7-14. ISSN 2582-483X
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Abstract
हम सभी जानते और मानते हैं कि गालियों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, लेकिन तब भी न तो हम ख़ुद को रोक पाते हैं और न ही गाली का प्रयोग करने वाले को। सबकुछ देखते हुए भी यह कहने की हिम्मत नहीं कर पाते कि यह ग़लत है, और यह भी एक तरह की हिंसा है। लेख मध्य प्रदेश के कुछ विद्यालयों के बच्चों और किशोरों के साथ गालियों के बारे में की गई बातचीत का विवरण प्रस्तुत करते हुए दर्शाता है कि बच्चों के साथ ऐसे मुद्दों पर बातचीत करना सम्भव है, और यह बातचीत होनी भी चाहिए। लेख बातचीत के बाद बच्चों द्वारा अपने स्कूल / घर में गालियों के प्रयोग को रोकने के लिए किए गए प्रयासों को भी प्रस्तुत करता है। –सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | देशमुख, सीमा |
| Document Language: | Language Hindi |
| Subjects: | Social sciences |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5090 |
| Publisher URL: |
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