प्राथमिक स्तर से गणितीय सोच का विकास
सक्सेना, तान्या (2022) प्राथमिक स्तर से गणितीय सोच का विकास. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 4 (11). pp. 34-41. ISSN 2582-4836
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Abstract
प्रमेय सिद्ध करना, निगमनात्मक तर्क करना गणित शिक्षा का केन्द्र माना जाता है। परन्तुअकसर शिक्षक इसेकक्षा–कक्ष की सीखने–सिखानेकी प्रक्रिया सेजोड़ नहीं पाते एवं विद्यार्थी प्रायः प्रमेय को महज़ परीक्षा हेतु याद कर लेतेहैं। इस समस्या की विवेचना करतेहुए हम प्रस्तुत आलेख मेंगणितीय तर्क के आयामों को समझेंगे जिससेगणितीय तर्क के विकास के लिए प्राथमिक स्तर सेही गणित सीखने–सिखानेमेंजगह बनाई जा सके। यह आलेख देश–विदेश में किए गए शोध के आधार पर गणितीय तर्क विकास के लिए कुछ पेडागॉजिकल तरीक़े प्रस्तुत करता है। साथ मेंएनसीईआरटी और छत्तीसगढ़ की गणित की पाठ्यपुस्तकों में प्राथमिक स्तर पर किए गए प्रयत्नों को भी प्रस्तुत करता
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | सक्सेना, तान्या |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Mathematics, Education |
| Subjects: | Natural Sciences > Mathematics |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/3432 |
| Publisher URL: |
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