राजनीतिक लोकतंत्र बनाम सामाजिक लोकतंत्र
खान, महमूद (2022) राजनीतिक लोकतंत्र बनाम सामाजिक लोकतंत्र. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 4 (11). pp. 28-33. ISSN 2582-4836
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Abstract
सामाजिक विज्ञान विषय का शिक्षण यह अवसर देता है कि सामाजिक–राजनीतिक परिघटनाओं का सन्दर्भ लेकर हम बच्चों के साथ संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक मूल्यों व नागरिक दायित्वों की खुली चर्चा कर सकें, मत भिन्नताओं को आमंत्रित कर सकें और विविध दृष्टिकोण को जगह दे सकें। प्रस्तुत आलेख मेंमहमूद ख़ान कहते हैं कि बच्चों के साथ उन सामाजिक मुद्दों पर कक्षा मेंअवश्य बात करनी चाहिए जो उनके और आसपास के समुदायों / क्षेत्रों मेंघटित होतेहैंऔर बच्चे उनके भागीदार बन रहे होतेहैं। यदि हमने अपनी कक्षाओं मेंइस तरह के अवसर नहीं बनाए तो हमारेदेश के भावी नागरिक एकांगी दृष्टिकोण लेकर आगे बढ़ेंगे और इससे लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियाँ उभरकर आएँगी।
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | खान, महमूद |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Politics, Education |
| Subjects: | Social sciences > Political Science |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/3431 |
| Publisher URL: |
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