बच्चों के पढ़ने–लिखने के विकास में पारिवारिक माहौल की भूमिका
राउत, गजेन्द्र (2023) बच्चों के पढ़ने–लिखने के विकास में पारिवारिक माहौल की भूमिका. Pathshala Bheetar Aur Bahar, 5 (16). pp. 49-58. ISSN 2582-483X
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Abstract
यह लेख बच्चों की परवरिश के बारे में है। बच्चे पाठशाला में सीखते ही हैं, पर घर भी सीखने की एक महत्त्वपूर्ण जगह है। इस लेख में लेखक अपने बच्चे के साथ किए गए काम के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ये उदाहरण दर्शाते हैं कि घर के आसपास के बारे में बच्चों से बातचीत करना, उनकी किताबों और पढ़ने–लिखने को लेकर उनसे बात करना, उनके साथ पढ़ना, यह सब पढ़ने–लिखने की आदत विकसित करने में मददगार होता है। वे हिन्दी, अँग्रेज़ी और मराठी में बच्चों के लिए लिखी गई कई किताबों का ज़िक्र भी करते हैं और यह भी बताते हैं कि इन किताबों का इस्तेमाल उन्होंने अपने बच्चे के साथ कैसे किया। –सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | राउत, गजेन्द्र |
| Document Language: | Language Hindi |
| Subjects: | Social sciences |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5096 |
| Publisher URL: |
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