कक्षा में ‘कन्यादान’ कविता के हिस्सों को पढ़ना
आर्य, शचीन्द्र (2022) कक्षा में ‘कन्यादान’ कविता के हिस्सों को पढ़ना. Paathshaala Bhitar aur Bahar (12). pp. 23-28. ISSN 2582-4836
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Abstract
कक्षाओं में कविताओं का पढ़ाया जाना किसी चुनौती से कम नहीं। ख़ासकर बड़ी कक्षाओं में, जहाँ बच्चों के पास बहुत अलग–अलग सन्दर्भ होते हैंऔर धारणाएँ व मान्यताएँ भी। ऐसेमेंकविता मेंआए पात्र, शब्द, मूल्य और वक्तव्य बच्चों के बीच जिन छवियों का निर्माण करते हैंउनसे शिक्षक को उसके अर्थ निर्माण मेंमदद तो मिलती हैलेकिन यह इतना विविध होता है कि उसे समेटना आसान नहीं। कविता के लेखक का सन्दर्भ और आज के बच्चों का सन्दर्भ कई बार बहुत अलग–अलग होता है। लेकिन यह प्रक्रिया कक्षा मेंचर्चा के मौक़े देती है। बच्चों के अनुभवों को उभरने के मौक़े देती है। प्रस्तुत आलेख एक ऐसी ही कक्षा का अनुभव दस्तावेज़ है। सं
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | आर्य, शचीन्द्र |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Education, Childhood marriage |
| Subjects: | Social sciences > Education |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/3721 |
| Publisher URL: |
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