टीचर और टीचिंग प्रोफ़ेशन : समझ, तैयारी व समस्या एँ
तनेजा, वेनु and मौर्य, अंकित (2019) टीचर और टीचिंग प्रोफ़ेशन : समझ, तैयारी व समस्या एँ. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 2 (3). pp. 38-44.
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Abstract
पिछले कुछ समय से सरकारी नीति यों में बदलाव, समाज की प्राथमि कताओं में फेरबदल और शिक्षकीय कार्य की बढ़ती जटि लताओं के चलते शिक्षक की छवि को लेकर विमर्श शिखर पर आ गया है। एक पेशे के रूप में शिक्षकीय कार्य की मान्यताएँ समाज, सरकार और स्वयं शिक्षक की नजरों में भि न्न–भि न्न हैं। कहीं स्वायत्तता, कहीं योग्यता तो कहीं सामाजि क परम्पराओं को आधार बनाते हुए यह विमर्श हमेशा ही कुछ नए सवालों को जन्म देकर बि ना कि सी नतीजे के ख़त्म होता है। वेनु और अंकि त ने दो सहेलि यों, एक शिक्षि का व एक शिक्षाशास् त्र की विद्यार् थी के बीच हुई बातचीत को आधार बनाते हुए एवं विभि न्न शिक्षाविदों की मान्यताओं के हवाले से इस ज्वलंत विषय पर गहरा विश्ले षण प्रस्तु त कि या है। सं.
| Item Type: | Articles in APF Magazines |
|---|---|
| Authors: | तनेजा, वेनु and मौर्य, अंकित |
| Document Language: | Language Hindi |
| Uncontrolled Keywords: | Teacher, Teaching, Teacher and teaching profession, School |
| Subjects: | Social sciences > Education |
| Divisions: | Azim Premji University - Bengaluru > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar |
| Full Text Status: | Public |
| URI: | http://publications.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/2241 |
| Publisher URL: |
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